“Which project location will I get?”This question echoed in my mind when I joined the JSW Foundation Fellowship in September 2023. My journey began in Pune, on the auspicious day of Ganapathi Festival—a vibrant, culturally welcome to a path that would transform me deeply. That day, strangers became co-fellows, and soon co-fellows became lifelong friends. […]
Author: Manish Rawat
Humanity is our identity
The Missing Call
“How do you respond to a missing call—not from the mind, but from the heart?”This question lingered in my mind the moment I received my first missing call from an 8th-grade student—just the same day of my farewell from Warwadey Middle School, the project school where I relived my childhood days. It was the 4th […]
THE VISIONARY MAN
Life is a collection of many short and long journeys that guide us to live a purposeful life. To follow my passion to give my contribution to the society, I joined a 2-year fellowship journey and moved from the north, from the origin of the Ganga in Uttarakhand to Ratnagiri, part of the Konkan region […]
समझने और समझाने का खेल है सारा,कोई समझे बोझ और किसी को लगे प्यारा, लेकर मन में नेक इरादे और उम्मीदों का सहारा,इस प्यार को परखने स्वयं को मैने धरातल पर उतारा, देख पाठशाला में बच्चों को हृदय मुझे यह समझाए,जब मिला है मौका क्यूं ना फिर से बचपन को जिया जाए, फिर सब कुछ […]
मेरी खामोशी को मेरी कमजोरी मत समझना,यह तो बस ढूंढ रही मिल जाए कोई अपना, इस खामोशी के पीछे छिपी है मेरे मन की उमंगे,जो ढूंढती है वो नजरे जिसमें हो प्रेम की तरंगें,जो बिन कारण मुझे अपने पास बुलाए,विषयों के बिना भी कुछ मीठे बोल गुनगुनाए, खेले मेरे साथ बचपन के खेल,कभी आंख में […]
पेड़ो का भी प्रेम अमर है,बस्ते इसमे इतने घर है,जड़ से लेकर ऊंची डाल तक,डाली-डाली पात-पात पर, कीट-पतंगो और पंछियों ने,इसमें अपना घर बसाया,खुशियों को है मिल बांटकर,सुन्दर एक संसार रचाया, मिलकर रहते एक साथ सब,भेदभाव बिना रहते है संगपूछते नहीं वो धर्म–जात किसी की,हरते दुख और कष्ट सभी की, कुछ उनसे है घर बसाते,कुछ […]
कभी मैं भी कलम उठा लेता हूं,लिखकर मन बहला लेता हूं, शौक से नहीं प्रेरणा से लिखता हूं,अपने शब्दों में उम्मीद के रंग भरता हूं, कला नहीं मुझ में कोई जो कभी कुछ लिख पाऊं,मैं तो बस लिखकर प्रेरणा से अपना मन बहलाऊँ, खेल तो बस ये है समझना सारा,मैं तो मात्र माध्यम हूं लिखने […]
जब नजर पड़ी दीवारों में,आंखों ने देखा एक नजारा, चींटियां चढ़ रही दीवारों पर लेकर भोजन सारा,लग रहा जैसे मुझको दे रही हो इशारा, जब आए परेशानी जीवन में तो बनो एक दूजे का सहारा,छोड़कर आपसी मतभेद तुम निभाओ भाईचारा, सुख और दुख तो मौसम की तरह बदलते हैं,जैसे गर्मी की धूप के बाद शीतल […]
आज की शिक्षा प्रणाली से पूछता हूं ये सवाल,क्या बस लक्ष्य है चलाना हमें भेड़ की चाल, क्या शिक्षा तंत्र बस कुछ विषयों मे सीमट कर रह गया,सहयोग करने की बजाय प्रतियोगिता में जोर देता रह गया, क्या अंक लाने मात्र से शिक्षा के ज्ञान का अनुमान है लग जाता,मात्र डिग्री पा लेने से क्या […]
जब भी छत से बैठकर, देखता हुँ ढलती हुई शाम, अरब सागर मे डूब रहा होता है, सूरज लेकर अल्पविराम, निकल पड़ते हैं परिंदे, होते ही शाम, अँधेरे से पहले पहुँच, ठिकाने करे आराम । अपनी चहचहाहट से सुबह , देते सबको पैगाम, उठ कर साथियों करो, सूरज की सुनहरी किरणों को सलाम, फिर भी […]
